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सीमेंट और बिजली उत्पादन की बदौलत अगस्त में कोर सेक्टर 4.8 प्रतिशत बढ़ा, औद्योगिक गतिविधियों में मजबूती बरकरार

Source : business.khaskhabar.com | Sep 22, 2026 | businesskhaskhabar.com Commodity News Rss Feeds
 core sector grows 48 in august driven by cement and electricity output industrial activity remains robust 846613नई दिल्ली । सीमेंट, बिजली और लौह अयस्क जैसे क्षेत्रों के मजबूत प्रदर्शन के दम पर भारत की आठ प्रमुख आधारभूत उद्योगों (कोर सेक्टर) यानी कोर इंडस्ट्रीज इंडेक्स (आईसीआई) की वृद्धि अगस्त 2026 में सालाना आधार पर 4.8 प्रतिशत (अस्थायी) रही। 
हालांकि, कोर इंडस्ट्रीज इंडेक्स (आईसीआई) में वृद्धि जुलाई में दर्ज 5 प्रतिशत की वृद्धि दर (अंतिम सूचकांक) से थोड़ी कम है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के बयान के अनुसार, अगस्त में सीमेंट उत्पादन में 12.5 प्रतिशत, बिजली उत्पादन में 11.6 प्रतिशत, लौह अयस्क में 5.5 प्रतिशत, इस्पात में 3.4 प्रतिशत और रिफाइनरी उत्पादों में 2.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
हाल के महीनों में लौह अयस्क, बिजली और सीमेंट कोर सेक्टर की समग्र वृद्धि के प्रमुख चालक बने हुए हैं। दूसरी ओर कोयला, प्राकृतिक गैस, कच्चा तेल और उर्वरक क्षेत्रों में अगस्त के दौरान नकारात्मक वृद्धि देखी गई।
आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान कोर सेक्टर की संचयी वृद्धि 4.3 प्रतिशत (अस्थायी अनुमान) रही, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 2.4 प्रतिशत थी। यह दर्शाता है कि आधारभूत उद्योगों में गतिविधियां पिछले वर्ष की तुलना में अधिक मजबूत हुई हैं।
सरकार ने यह भी बताया कि जुलाई 2026 के लिए कोर इंडस्ट्री सूचकांक को संशोधित किया गया है। जुलाई का अंतिम सूचकांक 121.2 से घटाकर 120.8 किया गया है। इसी के साथ जुलाई की वार्षिक वृद्धि दर को 5.4 प्रतिशत से संशोधित कर 5 प्रतिशत किया गया है।
इस बीच, भारत के विनिर्माण क्षेत्र ने भी अगस्त में विस्तार जारी रखा। नवीनतम एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई आंकड़ों के अनुसार विनिर्माण पीएमआई 52.8 पर रहा, जो उत्पादन गतिविधियों में वृद्धि का संकेत देता है।
हालांकि कंपनियों ने मांग की गति में कुछ नरमी की बात कही, जिसके चलते कच्चे माल की खरीद और स्टॉक निर्माण की रफ्तार भी थोड़ी धीमी रही। इसके बावजूद कारोबारी विश्वास मजबूत हुआ है।
सर्वेक्षण में शामिल लगभग 16 प्रतिशत कंपनियों ने अगले 12 महीनों में उत्पादन बढ़ने की उम्मीद जताई, जबकि बाकी कंपनियों का मानना है कि गतिविधियां मौजूदा स्तर के आसपास बनी रहेंगी। कारोबारी भरोसा मई के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंचा, हालांकि ऐतिहासिक मानकों के अनुसार यह अभी भी कमजोर बना हुआ है।
--आईएएनएस

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