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मत्स्य विभाग ने अंडमान-निकोबार में 199.24 करोड़ रुपए की लागत से स्मार्ट और एकीकृत फिशिंग हार्बर परियोजना को मंजूरी दी

Source : business.khaskhabar.com | Jan 28, 2026 | businesskhaskhabar.com Commodity News Rss Feeds
 fisheries department approves smart and integrated fishing harbour project in andaman and nicobar islands at a cost of rs 19924 crore 787458नई दिल्ली । भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन और दुग्ध उत्पादन मंत्रालय के मत्स्य विभाग ने मंगलवार को अंडमान-निकोबार प्रशासन के मायाबंदर में "स्मार्ट और एकीकृत फिशिंग हार्बर के विकास" के प्रस्ताव को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत शत-प्रतिशत केंद्रीय वित्तीय सहायता के साथ 199.24 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत पर मंजूरी दे दी है।  
मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने बताया कि ब्लू पोर्ट पहल के अनुरूप विकसित स्मार्ट और एकीकृत फिशिंग हार्बर में नवीनतम तकनीक और आईओटी-सक्षम प्रणालियों द्वारा समर्थित सुरक्षित लैंडिंग और बर्थिंग सुविधाएं शामिल होंगी। यह फिशिंग हार्बर सतत मत्स्य प्रबंधन, बढ़ी हुई मछलियों की हैंडलिंग क्षमता, बेहतर संचालन सुरक्षा, ऊर्जा-कुशल प्रणालियों और डिजिटल ट्रेसबिलिटी को एकीकृत करता है। 
इससे रोजगार सृजन, हितधारकों की आय में वृद्धि, आजीविका में मजबूती और पर्यावरण के अनुकूल तरीकों के माध्यम से अवैध, अलिखित और अनियमित (आईयूयू) फिशिंग से निपटने में योगदान मिलने की उम्मीद है, जिससे भारत को सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की दिशा में प्रगति करने में सहायता मिलेगी।
स्मार्ट और एकीकृत फिशिंग हार्बर के विकास से मछली पकड़ने वाले 430 जहाजों के लिए सुरक्षित लैंडिंग और बर्थिंग सुविधाएं बनेंगी और प्रति वर्ष 9,900 टन मछली की लैंडिंग की सुविधा उपलब्ध होगी। इस परियोजना से मत्स्य पालन मूल्य श्रृंखला में रोजगार के अवसर पैदा होने और मत्स्य पालन क्षेत्र को महत्वपूर्ण लाभ मिलने की उम्मीद है।
मंत्रालय ने बताया कि अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में 6 लाख वर्ग किलोमीटर के विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) के साथ विशाल समुद्री संसाधन भंडार मौजूद है, जिसमें अनुमानित 60,000 मीट्रिक टन टूना और टूना जैसी प्रजातियों की मछलियों का भंडार है, जिसमें 24,000 मीट्रिक टन येलोफिन टूना और 2,000 मीट्रिक टन स्किपजैक टूना शामिल हैं।
मंत्रालय के मुताबिक, मछली उत्पादन पिछले एक दशक में दोगुने से भी अधिक बढ़कर 2013-14 में 96 लाख टन से लगभग 2024-25 में 197.75 लाख टन हो गया है। समुद्री खाद्य पदार्थों का निर्यात भी मूल्य में दोगुना होकर 62,408 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जिसमें 350 से अधिक प्रकार के उत्पाद लगभग 130 देशों को निर्यात किए जाते हैं।
--आईएएनएस
 

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