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वैश्विक अनिश्चितता बढ़ी तो निवेशकों को सोना-चांदी का सहारा, सिल्वर की कीमतें चार लाख के पार 

Source : business.khaskhabar.com | Jan 29, 2026 | businesskhaskhabar.com Commodity News Rss Feeds
 global uncertainty rises investors turn to gold and silver silver prices cross ₹4 lakh mark 787792मुंबई । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की धमकी से भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के बाद सुरक्षित निवेश की मांग पर व्यापक असर पड़ा है। इसके चलते गुरुवार को कीमती धातुओं (सोने और चांदी) की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं।  
केंद्रीय बैंकों द्वारा की जा रही खरीदारी और अमेरिकी डॉलर के और कमजोर होने से भी सोने-चांदी की कीमतों में तेजी आई है। इससे निवेशकों का भरोसा इन कीमती धातुओं पर और बढ़ा है।
एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना दोपहर 12:02 बजे 6.98 प्रतिशत यानी 11,575 रुपए बढ़कर 1,77,490 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं मार्च डिलीवरी वाली चांदी 23,633 रुपए यानी 6.13 प्रतिशत चढ़कर 4,08,999 रुपए प्रति किलो हो गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत करीब 120 डॉलर प्रति औंस के आसपास रही। इस साल अब तक चांदी की कीमतों में 60 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है। इसकी बड़ी वजह सप्लाई की कमी बताई जा रही है।
कीमती धातुओं में यह तेज उछाल अमेरिकी फेडरल रिजर्व के उस फैसले के बाद आया है, जिसमें उसने ब्याज दरों को बिना बदले रखने का ऐलान किया। इससे निवेशकों को सोना-चांदी खरीदने का और प्रोत्साहन मिला।
खबरों के मुताबिक अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई है। इसके बाद ट्रंप ने ईरान पर उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोबारा बातचीत शुरू करने का दबाव बनाया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने बातचीत से इनकार किया तो अमेरिका की कार्रवाई और ज्यादा सख्त हो सकती है।
अमेरिकी बाजार में अप्रैल डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव 300 डॉलर बढ़कर 5,588.71 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गए। इससे पहले सोना 5,626 डॉलर का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर भी छू चुका है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पहले 5,600 डॉलर के आसपास जो स्तर रुकावट माना जा रहा था, अब वही मजबूत सपोर्ट बन गया है। इससे साफ है कि सोने में तेजी का दौर मजबूत बना हुआ है।
अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के बीच टैरिफ को लेकर बढ़ता तनाव और अमेरिकी सरकार के शटडाउन की आशंका ने भी सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ा दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक आर्थिक सुस्ती, अमेरिका का बढ़ता कर्ज और डॉलर की कमजोरी लंबे समय में सोने-चांदी के लिए सकारात्मक संकेत हैं।
विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि फेडरल रिजर्व की ओर से लंबे समय तक कम ब्याज दरों के संकेत मिलने से बाजार में तरलता बनी रहेगी। ऐसे में अगर कीमतों में थोड़ी गिरावट भी आती है, तो निवेशक उसे खरीदारी का मौका मानेंगे।
--आईएएनएस
 

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