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भारत-रूस समुद्री सहयोग से नए व्यापार मार्ग बनेंगे, जहाज निर्माण को मिलेगा बढ़ावा

Source : business.khaskhabar.com | Jan 07, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 india russia maritime cooperation to create new trade routes boost shipbuilding 782015नई दिल्ली । रूस के साथ समुद्री सहयोग को लेकर हाल ही में हुए समझौतों से भारत की वैश्विक समुद्री मौजूदगी मजबूत होगी और जहाज निर्माण, आर्कटिक-क्षम समुद्री गतिविधियों तथा नए व्यापार मार्गों जैसे क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। यह बात मैरीटाइम फेयरट्रेड की एक रिपोर्ट में कही गई है।
 
रिपोर्ट के अनुसार, यह साझेदारी भारत-रूस संबंधों को और सुदृढ़ करेगी तथा लॉजिस्टिक्स संचालन को सुगम बनाकर व्यापार प्रवाह में सुधार और दोनों देशों की आर्थिक वृद्धि को गति देगी।
बताया गया है कि हिंद महासागर और रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र के बीच नए व्यापार मार्ग विकसित किए जाएंगे। भारत की जहाज निर्माण क्षमताओं को रूस के अनुभव और संसाधनों से जोड़कर आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
भारत और रूस ने नवंबर 2025 के अंत में उच्च-स्तरीय वार्ताएं की थीं, जिनमें जहाज निर्माण, व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक और तकनीकी सहयोग जैसे क्षेत्रों में संभावित साझेदारी पर विचार किया गया।
नई दिल्ली में हुई इन उच्च-स्तरीय अंतर-एजेंसी परामर्श बैठकों का नेतृत्व केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल तथा रूसी राष्ट्रपति के सहयोगी और रूस के समुद्री बोर्ड के अध्यक्ष निकोलाई पेत्रुशेव ने किया।
मैरीटाइम फेयरट्रेड की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह पहल उस सोच को दर्शाती है, जिसे सोनोवाल ने “समुद्री कनेक्टिविटी और वैश्विक सहयोग का नया युग” बताया है।
सोनोवाल ने भारत-रूस साझेदारी के रणनीतिक महत्व को रेखांकित करते हुए विशेष रूप से जहाज निर्माण और अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे तथा चेन्नई-व्लादिवोस्तोक कॉरिडोर जैसे नए व्यापार मार्गों की स्थापना पर ज़ोर दिया।
रिपोर्ट में कहा गया कि उन्होंने इस सहयोग को “विन-विन” स्थिति करार दिया, जो न केवल भारत के “मेक इन इंडिया” अभियान को आगे बढ़ाएगा, बल्कि रोजगार सृजन के साथ साझा समुद्री भविष्य को भी आकार देगा।
इस महत्वाकांक्षी एजेंडे को 5 दिसंबर 2025 को भारत में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बैठक के दौरान भी रेखांकित किया गया था। दोनों नेताओं ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया और शिपिंग तथा लॉजिस्टिक्स को विकास के अहम क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया।
इस बीच, वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने इससे पहले मॉस्को में रूसी नेतृत्व के साथ प्रस्तावित भारत-यूरेशियन आर्थिक संघ मुक्त व्यापार समझौते पर भी चर्चा की थी।
--आईएएनएस
 

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