businesskhaskhabar.com

Business News

Home >> Business

भारतीय परिवार बन रहे निवेशक, बैंकों में जमा राशि में भारी बढ़ोतरी : एसबीआई रिपोर्ट 

Source : business.khaskhabar.com | Jan 12, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 indian families becoming investors bank deposits see massive increase sbi report 783482नई दिल्ली । वित्त वर्ष 2015 से वित्त वर्ष 2025 के बीच भारतीय बैंकों में जमा राशि और कर्ज की रकम लगभग तीन गुना हो गई है। इससे यह साफ होता है कि देश का बैंकिंग सिस्टम मजबूत हुआ है और कर्ज देने की प्रक्रिया फिर से तेज हुई है। सोमवार को जारी एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट में यह बात कही गई है। 
भारतीय स्टेट बैंक की रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2015 से 2025 के दौरान बैंकों में जमा राशि 85.3 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 241.5 लाख करोड़ रुपए हो गई। वहीं, बैंकों द्वारा दिया गया कर्ज 67.4 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 191.2 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बैंकों की कुल संपत्ति देश की जीडीपी के मुकाबले बढ़कर 94 प्रतिशत हो गई है, जो पहले 77 प्रतिशत थी। इससे पता चलता है कि देश की वित्तीय स्थिति और बैंकिंग प्रणाली मजबूत हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, देश के कई राज्यों में अब परिवार सिर्फ बचत ही नहीं कर रहे, बल्कि निवेश की ओर भी रुख करने लगे हैं। गुजरात, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों में बैंक में जमा राशि का एक हिस्सा तेजी से शेयर बाजार और अन्य वित्तीय बाजारों की ओर जा रहा है।
लंबे समय की बात करें तो वित्त वर्ष 2005 से 2025 के बीच बैंकों में जमा राशि 18.4 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 241.5 लाख करोड़ रुपए हो गई। इसी तरह बैंकों का कर्ज 11.5 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 191.2 लाख करोड़ रुपए हो गया। इससे साफ है कि बैंकिंग प्रणाली का आकार काफी बढ़ गया है।
हालांकि, रिपोर्ट में बताया गया है कि कर्ज देने की रफ्तार जमा की तुलना में तेज रही है, जिससे कर्ज और जमा का अनुपात वित्त वर्ष 2021 में 69 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 79 प्रतिशत हो गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी बैंक भी धीरे-धीरे फिर से ज्यादा कर्ज देने लगे हैं। पहले कुछ वर्षों में उनका हिस्सा कम हो गया था, लेकिन अब उनकी आर्थिक स्थिति सुधर रही है और वे ज्यादा कर्ज देने को तैयार हैं।
वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में बैंकों में नई जमा राशि 8.6 लाख करोड़ रुपए से घटकर 8.1 लाख करोड़ रुपए रह गई, जबकि इस दौरान कर्ज बढ़कर 7.6 लाख करोड़ रुपए हो गया।
एक अन्य रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकारी बैंकों का मुनाफा बढ़ने के पीछे ब्याज से होने वाली कमाई, सरकारी बॉन्ड से लाभ और खुदरा तथा छोटे कारोबारियों को दिए गए कर्ज की अहम भूमिका रही है।
रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में बैंकों का मुनाफा और बेहतर होगा। त्योहारी सीजन में बढ़ी मांग, कर्ज में तेजी, कम कैश रिजर्व रेशियो (सीआरआर) आवश्यकता से मिलने वाले फायदे और असुरक्षित व एमएफआई सेगमेंट में डिफॉल्ट के मामलों के धीरे-धीरे सामान्य होने से बैंकों को फायदा मिलेगा।
--आईएएनएस
 

[@ कोमा से बाहर आते ही बोलने लगा दूसरे देश की भाषा]


[@ दही से पाएं नर्म मुलायम त्वचा]


[@ यहां "पवित्र" लडकियों को मिलती है स्कॉलरशिप]