businesskhaskhabar.com

Business News

Home >> Business

भारतीय शेयर बाजार मामूली गिरावट के साथ सपाट खुला, निफ्टी आईटी सबसे ज्यादा गिरा

Source : business.khaskhabar.com | Jan 05, 2026 | businesskhaskhabar.com Market News Rss Feeds
 indian stock market opens flat with marginal losses nifty it falls the most 781445मुंबई । सप्ताह के पहले कारोबारी दिन, सोमवार को भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख बेंचमार्कों ने मामूली गिरावट के साथ सपाट शुरुआत की। मिले-जुले वैश्विक संकेतों के बीच बीएसई सेंसेक्स 121.96 अंक गिरकर 85,640.05 पर खुला, जबकि निफ्टी50 5.15 अंक बढ़कर 26,333.70 के स्तर पर खुला। 
खबर लिखे जाने तक बीएसई सेंसेक्स 105.24 अंक यानी 0.12 प्रतिशत गिरकर 85,656.77 पर ट्रेड रहा था, तो वहीं एनएसई निफ्टी 25.75 अंक या 0.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,302.80 पर कारोबार कर रहा था।
बाजार में व्यापक रुझान देखने को मिला। निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक में 0.19 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक में 0.55 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
क्षेत्रीय स्तर पर, निफ्टी पीएसयू बैंक 1.3 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाला इंडेक्स रहा, उसके बाद मीडिया में 1.08 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली। वहीं दूसरी ओर, निफ्टी आईटी सबसे बड़ा नुकसान उठाने वाला इंडेक्स रहा, जिसमें 0.75 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स पैक में बीईएल, एक्सिस बैंक, टाटा स्टील, एशियन पेंट्स और आईसीआईसीआई बैंक टॉप गेनर्स शेयर रहे, जबकि एचसीएलटेक, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस और एचडीएफसी बैंक सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयर रहे।
इसी तरह, एनएसई पर बीईएल, एशियन पेंट्स, एक्सिस बैंक, टाटा स्टील और हिंडाल्को टॉप गेनर्स वाले शेयरों में शामिल रहे, जबकि एचसीएलटेक, इंफोसिस, विप्रो, टेक महिंद्रा और टीसीएस टॉप लूजर्स वाले शेयरों में रहे।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा कि साल 2026 की शुरुआत बड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के साथ हुई है, जिनका असर दुनिया भर पर गहराई से पड़ सकता है। अमेरिका द्वारा वेनेजुएला में की गई कार्रवाई से वैश्विक भू-राजनीति और ज्यादा अस्थिर हो सकती है। रूस-यूक्रेन युद्ध के जल्द खत्म होने के आसार कम हैं और यह संघर्ष आगे भी लंबा खिंच सकता है।
इसके अलावा, ईरान में विरोध-प्रदर्शन और तेज हो सकते हैं और ऐसे में यह देखना अहम होगा कि ईरानी सरकार कैसे प्रतिक्रिया देती है, खासकर तब जब ट्रंप की ओर से हस्तक्षेप की आशंका बनी हुई है। इतनी ज्यादा अनिश्चितता और वैश्विक तनाव के माहौल का लाभ उठाकर चीन ताइवान को अपने कब्जे में लेने की कोशिश कर सकता है।
उन्होंने कहा कि भू-राजनीति की यह भारी अनिश्चितता और अप्रत्याशितता बाजार को भी प्रभावित करेगी। लेकिन यह देखना होगा कि आगे घटनाएं किस दिशा में जाती हैं। वेनेजुएला संकट से भारत के लिए एक सकारात्मक बात यह है कि इसका मध्यम से दीर्घकालिक प्रभाव कच्चे तेल की कीमतों पर नकारात्मक है।
एक्सपर्ट ने आगे कहा कि शेयर बाजार की स्थिति पर बात करें तो, निकट भविष्य में बाजार में मजबूती बनी रह सकती है, क्योंकि इंडेक्स इस समय अपने ऑल टाइम हाई के आसपास है और तेजी का रुख बुल्स को सपोर्ट दे सकता है। बैंक निफ्टी मजबूत स्थिति में है और इसे तेज क्रेडिट ग्रोथ का ठोस फंडामेंटल सपोर्ट मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर के तीसरी तिमाही के नतीजे अच्छे रहने की उम्मीद है, जिससे इस सेक्टर को और मजबूती मिल सकती है।
--आईएएनएस
 

[@ बूझो तो जाने,ये चेहरा बच्ची का या बूढी का...]


[@ केसर स्वास्थ्य के लिए कई तरह से लाभकारी]


[@ इस गुफा का चमत्कार सुनकर रह जाएंगे दंग]