भारतीय शेयर बाजार लगातार तीसरे सत्र में लाल निशान में खुला, सेंसेक्स करीब 200 अंक फिसला
Source : business.khaskhabar.com | Jan 07, 2026 | 

मुंबई । वैश्विक बाजार के मिले-जुले संकेतों के बीच भारती शेयर बाजार के प्रमुख बेंचमार्क बुधवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ खुले।
शुरुआती कारोबार में खबर लिखे जाने तक 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 199 अंक या 0.23 प्रतिशत गिरकर 84,864 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 54 अंक या 0.2 प्रतिशत गिरकर 26,125 पर था।
व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.31 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.28 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।
वहीं सेक्टरवार देखें तो, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ, जिसमें 0.4 प्रतिशत की गिरावट आई, इसके बाद निफ्टी ऑटो इंडेक्स में 0.3 प्रतिशत की गिरावट और निफ्टी प्राइवेट बैंक में 0.2 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।
इसके अलावा, निफ्टी आईटी में 1 प्रतिशत, निफ्टी मेटल में 0.7 प्रतिशत और निफ्टी एफएमसीजी में 0.16 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 18 शेयर लाल निशान में ट्रेड करते नजर आए। इनमें एचडीएफसी बैंक में सबसे ज्यादा 1.3 प्रतिशत की गिरावट आई, जिसके बाद बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, मारुति सुजुकी, एचयूएल, एनटीपीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, सन फार्मा, एलएंडटी और एमएंडएम प्रमुख थे।
इसके विपरीत, टाइटन कंपनी में सबसे ज्यादा 3.7 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके बाद एचसीएल टेक, इंफोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा, इटरनल और टाटा स्टील में बढ़त देखने को मिली।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा कि हाल के दिनों में शेयर बाजार की चाल में कोई साफ रुझान या दिशा नजर नहीं आ रही है। कुछ गिने-चुने बड़े शेयरों में हो रही गतिविधियां पूरे बाजार को जरूरत से ज्यादा प्रभावित कर रही हैं।
उन्होंने कि उदाहरण के तौर पर, कल संस्थागत निवेशकों की खरीदारी सकारात्मक रहने के बावजूद निफ्टी 71 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। इसकी मुख्य वजह सिर्फ दो शेयरों-रिलायंस और एचडीएफसी बैंक-में आई तेज गिरावट रही। इन दोनों शेयरों में डेरिवेटिव और कैश मार्केट में भारी वॉल्यूम देखने को मिला, जो सेटलमेंट डे से जुड़ी गतिविधियों का संकेत देता है। यानी इन शेयरों में आई तेज गिरावट का उनके मूल कारोबार (फंडामेंटल्स) से कोई लेना-देना नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह तकनीकी कारणों से हुई है।
एक्सपर्ट ने कहा कि आगे की बात करें तो बाजार में घटनाओं और खबरों के कारण तेज उतार-चढ़ाव (हाई वोलैटिलिटी) की संभावना बनी हुई है। डोनाल्ड ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट और उनके फैसले कभी भी बाजार को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा, एक अहम घटनाक्रम जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए, वह है ट्रंप के टैरिफ से जुड़े मामले पर सुप्रीम कोर्ट का संभावित फैसला, जो जल्द आ सकता है। अगर यह फैसला रेसिप्रोकल टैरिफ के खिलाफ जाता है, तो शेयर बाजारों में भारी उथल-पुथल देखने को मिल सकती है।
पिछले कारोबारी सत्र यानी मंगलवार को भी भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था। दिन के अंत में सेंसेक्स 376.28 अंक या 0.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85,063.34 पर और निफ्टी 71.60 अंक या 0.27 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 26, 178.70 पर था।
--आईएएनएस
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