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सेबी का बड़ा प्रस्ताव: सभी रेगुलेटेड संस्थाओं के लिए एक कॉमन एडवरटाइजमेंट कोड लाने की योजना

Source : business.khaskhabar.com | Jun 24, 2026 | businesskhaskhabar.com Market News Rss Feeds
 sebis major proposal plan to introduce a common advertisement code for all regulated entities 823685मुंबई । सेबी यानी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (एसईबीआई) ने पूंजी बाजार से जुड़ी विभिन्न विनियमित संस्थाओं के लिए एक समान विज्ञापन आचार संहिता (कॉमन एडवर्टाइजमेंट कोड - सीएसी) लागू करने का प्रस्ताव रखा है। इस पहल का उद्देश्य अलग-अलग संस्थाओं के लिए मौजूद विज्ञापन नियमों को हटाकर एक एकीकृत ढांचा तैयार करना है, ताकि अनुपालन संबंधी जटिलताएं कम हों और निवेशकों की सुरक्षा को और मजबूत बनाया जा सके। 
सेबी के प्रस्तावित नियम स्टॉक ब्रोकर, डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट, निवेश सलाहकार, रिसर्च एनालिस्ट, ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म प्रदाता, पोर्टफोलियो मैनेजर और म्यूचुअल फंड एवं एसेट मैनेजमेंट कंपनियों पर लागू होंगे। इस नए ढांचे को सेबी (इंटरमीडियरीज) रेगुलेशंस, 2008 में शामिल किए जाने का प्रस्ताव है।
सेबी ने विज्ञापन जारी करने से पहले मंजूरी लेने की मौजूदा व्यवस्था को समाप्त कर पोस्ट-रिपोर्टिंग सिस्टम लागू करने का सुझाव दिया है। इसके तहत किसी भी विज्ञापन को जारी करने के बाद संबंधित संस्था को 24 घंटे के भीतर उसकी जानकारी नियामक को देनी होगी।
सेबी का कहना है कि डिजिटल युग में वित्तीय संस्थाएं रोजाना बड़ी संख्या में सोशल मीडिया पोस्ट, शैक्षणिक वीडियो और प्रचार सामग्री प्रकाशित करती हैं। ऐसे में हर सामग्री के लिए पहले से मंजूरी लेना व्यावहारिक नहीं है। इस प्रस्ताव पर 14 जुलाई तक सार्वजनिक सुझाव मांगे गए हैं।
नए प्रस्ताव के तहत रेगुलेटेड संस्थाओं को ब्रांड या संस्था स्तर के प्रचार के लिए सेलिब्रिटी को शामिल करने की अनुमति मिल सकती है। हालांकि, किसी विशेष वित्तीय उत्पाद या सेवा के सीधे प्रचार के लिए सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट की अनुमति नहीं होगी। इसका उद्देश्य निवेशकों को भ्रामक दावों से बचाना है।
सेबी ने विभिन्न संस्थाओं और एक्सचेंजों के अलग-अलग विज्ञापन नियमों को हटाकर एक कॉमन एडवरटाइजमेंट कोड लागू करने का प्रस्ताव दिया है। इससे पूरे वित्तीय क्षेत्र में एक समान नियामकीय ढांचा तैयार होगा और संस्थाओं के लिए नियमों का पालन करना आसान हो जाएगा।
नियामक ने यह भी प्रस्ताव रखा है कि संस्थाएं पास्ट रिस्क एंड रिटर्न वेरिफिकेशन एजेंसी (पीएआरआरवीए) द्वारा जारी रेटिंग और रैंकिंग का प्रचार कर सकेंगी। हालांकि, इसके लिए निर्धारित शर्तों और खुलासों का पालन करना अनिवार्य होगा। सेबी का मानना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और निवेशकों को बेहतर जानकारी मिल सकेगी, जबकि भ्रामक दावों पर भी रोक लगाई जा सकेगी।
निवेशकों और संस्थाओं के बीच भ्रम की स्थिति को खत्म करने के लिए सेबी विज्ञापन की परिभाषा में भी बदलाव करना चाहता है। प्रस्तावित संशोधन के तहत प्रचारात्मक संदेशों और सामान्य निवेशक सेवा या नियमित सूचना संबंधी संचार के बीच स्पष्ट अंतर किया जाएगा। साथ ही ऐसे संचार की एक उदाहरणात्मक सूची भी जारी की जाएगी, जिन्हें विज्ञापन की श्रेणी में नहीं रखा जाएगा।
सेबी ने विज्ञापन रिपोर्टिंग को आसान और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक साझा डिजिटल पोर्टल विकसित करने का भी प्रस्ताव दिया है। यह पोर्टल मान्यता प्राप्त पर्यवेक्षी संस्थाओं द्वारा संचालित किया जाएगा, जिससे कई नियामकीय संस्थाओं के साथ पंजीकृत इकाइयों के लिए रिपोर्टिंग प्रक्रिया सरल होगी और नियामकों को निगरानी करने में भी सुविधा मिलेगी।
सेबी के अनुसार प्रस्तावित कॉमन एडवरटाइजमेंट कोड का उद्देश्य निवेशकों के हितों की रक्षा करते हुए कारोबार करने में आसानी (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) को बढ़ावा देना है।
--आईएएनएस 

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