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गेहूं की कीमतों में उछाल : उत्पादक मंडियों में आवक घटने से 100 रुपए बढ़े, 2800 के पार पहुंचे भाव

Source : business.khaskhabar.com | Jan 13, 2026 | businesskhaskhabar.com Commodity News Rss Feeds
 wheat prices surge prices increased by ₹100 due to reduced arrivals in producing markets crossing the ₹2800 mark 783685जयपुर। स्थानीय थोक बाजारों में गेहूं की कीमतों में अचानक जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। उत्पादक मंडियों में आवक कम होने और सरकारी नीतियों के प्रभाव के चलते गेहूं के दाम 100 रुपये प्रति क्विंटल तक उछल गए हैं। मंगलवार को जयपुर मंडी में 'दड़ा गेहूं मिल डिलीवरी नैट' के भाव 2800 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर को छू गए हैं। गेहूं की इस मजबूती ने आटा, मैदा और सूजी के बाजार को भी गर्मा दिया है। 

सरकारी निर्णयों और घटती आवक का असरः बाजार विशेषज्ञों और वीकेआई स्थित मित्तल दलिया के निर्माता मुकुल मित्तल के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में ओपन मार्केट सेल स्कीम (OMSS) के तहत गेहूं की बिक्री बंद किए जाने से बाजार में आपूर्ति का संकट खड़ा हो गया है। 

सरकारी स्टॉक से आपूर्ति रुकने के कारण खुले बाजार में कीमतों में तेजी आना पहले से ही संभावित था। इसके अलावा, वर्तमान में गेहूं का अधिकांश स्टॉक बड़ी कंपनियों के पास सीमित है, जबकि छोटे व्यापारियों का स्टॉक लगभग समाप्त हो चुका है। यही कारण है कि मंडियों में आवक लगातार गिर रही है। 

मार्च के अंत तक राहत की उम्मीद कमः बाजार के जानकारों का कहना है कि वर्तमान में मैदा और सूजी का व्यापार भी सुस्त पड़ा है, लेकिन गेहूं की लागत बढ़ने से इनके भावों में भी तेजी का रुख है। देश में नए गेहूं की आवक आमतौर पर मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत में होती है। 

अक्टूबर-नवंबर में की गई बिजाई की फसल जब तक बाजार में नहीं आ जाती, तब तक कीमतों में बड़ी गिरावट की संभावना कम नजर आ रही है। सरकार की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद प्रक्रिया भी अप्रैल से मई के बीच ही शुरू होगी, ऐसे में तब तक आपूर्ति का दबाव बना रह सकता है।

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