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बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे से प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब तक कनेक्टिविटी बढ़ेगी : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

Source : business.khaskhabar.com | Jun 15, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 bengaluru chennai expressway to boost connectivity to key industrial and logistics hubs finance minister nirmala sitharaman 821342नई दिल्ली । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट से प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब तक कनेक्टिविटी काफी बेहतर होगी, जिससे इस क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों और बुनियादी ढांचे के विकास को मजबूती मिलेगी। 
कर्नाटक के देवनहल्ली में 'प्रगति पथ यात्रा दर्शन' प्रोग्राम के तहत एक्सप्रेसवे कॉरिडोर के अपने दौरे की जानकारी देते हुए, वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि यह ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट 'भारतमाला परियोजना फेज-1' के तहत विकसित किया जा रहा एक अहम इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है। इसका मकसद भारत के दो प्रमुख आर्थिक और औद्योगिक केंद्रों - बेंगलुरु और चेन्नई - के बीच तेज-रफ्तार और बिना रुकावट वाली कनेक्टिविटी देना है।
वित्त मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "यह प्रोजेक्ट होसकोटे, मालुर, बंगारपेट, नरसपुरा इंडस्ट्रियल एरिया और एयरोस्पेस व डिफेंस पार्क जैसे बड़े इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स हब तक कनेक्टिविटी को बेहतर बनाता है। साथ ही, यह बेंगलुरु रिंग रोड नेटवर्क के ज़रिए डोब्बासपेट में प्रस्तावित मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (एमएमएलपी) तक पहुंच को भी आसान बनाता है।"
वित्त मंत्री सीतारमण ने कर्नाटक बीजेपी के नेताओं के साथ एक्सप्रेसवे साइट का दौरा किया और आर्थिक विकास को तेज करने और नागरिकों के लिए जीवन को आसान बनाने के मकसद से आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने पर एनडीए सरकार के फोकस को रेखांकित किया।
वित्त मंत्री के अनुसार, बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के प्रमुख प्रोजेक्ट्स में से एक है और इसे चेन्नई-बेंगलुरु इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (सीबीआईसी) के तहत एक प्राथमिकता वाले कॉरिडोर के तौर पर भी पहचाना गया है।
यह प्रोजेक्ट कर्नाटक में नेशनल हाईवे-4 और नेशनल हाईवे-207 के जंक्शन के पास होसकोटे से शुरू होता है और इससे कर्नाटक और पड़ोसी राज्य तमिलनाडु के प्रमुख इंडस्ट्रियल क्लस्टर्स के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।
एक्सप्रेसवे का कर्नाटक वाला हिस्सा लगभग 71 किलोमीटर लंबा है और इसे तीन पैकेज में होसकोटे-मालूर (26.4 किलोमीटर), मालूर-बंगरपेट (27.1 किलोमीटर), और बंगरपेट-बेथामंगला (17.5 किलोमीटर) बांटा गया है।
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट्स विश्व-स्तरीय ट्रांसपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, जिससे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट, लॉजिस्टिक्स की क्षमता और क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा मिलता है।
--आईएएनएस
 

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