गाड़ी लेते ही प्रदूषण सर्टिफिकेट बनवाना जरूरी है या नहीं, पढ़िए नियम
Source : business.khaskhabar.com | Jun 28, 2026 | 

गाड़ी लेते ही प्रदूषण सर्टिफिकेट बनवाना जरूरी है या नहीं, पढ़िए नियम
ऑटो डेस्क। नई दिल्ली
घर पर नई गाड़ी लागने की खुशी अलग ही होती है, लेकिन अक्सर इस उत्साह में हम गाड़ी से जुड़े कुछ जरूरी नियम और कागजी काम भूल जाते हैं।
नए वाहन मालिकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह रहता है कि क्या शोरूम से गाड़ी निकालते ही उसका प्रदूषण सर्टिफिकेट बनवाना पड़ता है? अगर आप भी इस बात को लेकर कन्फ्यूज हैं, तो आइए इसे समझते हैं ताकि आप किसी भी भारी जुर्माने से बच सकें।
क्या… नई गाड़ी के लिए तुरंत पीयूसू बनवाना जरूरी हैः इसका सीधा जवाब है नहीं। जब आप नई कार या बाइक खरीदते हैं, तो आपको अपनी जेब से पैसे खर्च करके तुरंत प्रदूषण टेस्ट करवाने की कोई जरूरत नहीं होती। भारत सरकार के नियमों (CMVR, 1989) के तहत नए वाहनों को इससे विशेष छूट दी गई है।
नई गाड़ी का PUC कितने दिन तक वैध रहता है? वाहन निर्माता कंपनियां गाड़ी को शोरूम में भेजने से पहले ही कड़े प्रदूषण मानकों पर उसकी टेस्टिंग करती हैं। इसलिए नई गाड़ी के रजिस्ट्रेशन की तारीख से लेकर पूरे 1 साल तक, कंपनी के जरिए दिया गया प्रदूषण सर्टिफिकेट ही पूरी तरह से वैध माना जाता है। यानी शुरुआती एक साल तक आपको किसी भी पीयूसी सेंटर के चक्कर नहीं लगाने हैं।
एक साल पूरा होने के बाद क्या करेंः जैसे ही आपकी गाड़ी को सड़क पर उतरे 1 साल पूरा हो जाता है, शुरुआती छूट खत्म हो जाती है। इसके बाद आपको नजदीकी अधिकृत पीयूसी सेंटर पर जाकर अपनी गाड़ी की प्रदूषण जांच करवानी होती है। एक साल से पुरानी गाड़ियों के लिए पीयूसी सर्टिफिकेट की वैलिडिटी आमतौर पर 6 महीने की होती है। हालांकि, अगर आपकी गाड़ी नए मानकों वाली BS4 या BS6 है, तो कई राज्यों में इसका सर्टिफिकेट सीधे 1 साल के लिए भी रिन्यू कर दिया जाता है।
PUC न होने पर कितना है जुर्माना? अगर आप पीयूसी रिन्यू कराना भूल जाते हैं या बिना वैलिड पीयूसी के गाड़ी चलाते पकड़े जाते हैं, तो मोटर व्हीकल एक्ट के तहत आपको तगड़ा झटका लग सकता है:
भारी जुर्माना: आप पर 10,000 रुपये तक का भारी चालान किया जा सकता है।
लाइसेंस सस्पेंड: ट्रैफिक पुलिस आपका ड्राइविंग लाइसेंस भी 3 महीने के लिए सस्पेंड कर सकती है। एक छोटा सा कागज आपको बड़े कानूनी झंझटों और भारी चालान से बचा सकता है। इसलिए, अपनी नई गाड़ी का 1 साल पूरा होते ही उसका प्रदूषण प्रमाणपत्र जरूर रिन्यू करवा लें और सुरक्षित ड्राइविंग का आनंद लें।
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