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हॉर्मुज स्ट्रेट पार कर एलपीजी जहाज भारत पहुंचे, ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित : एमईए

Source : business.khaskhabar.com | Mar 28, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 lpg ships cross strait of hormuz and reach india energy supply secure mea 801780नई दिल्ली । विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शुक्रवार को कहा कि हॉर्मुज स्‍ट्रेट पार करके एलपीजी से लदे हुए चार जहाज भारत पहुंच चुके हैं। साथ ही भरोसा द‍िलाया कि सरकार अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए संबंधित देशों के संपर्क में है, ताकि देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।  
नई दिल्ली में एक साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में एमईए प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि भारत का अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का दृष्टिकोण 1.4 अरब लोगों की जरूरतों को सुरक्षित करने की अनिवार्यता, बाजार की गतिशीलता और वैश्विक स्थिति पर आधारित है।
जब उनसे पूछा गया कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से भारत के कितने जहाज आए हैं। इस पर जायसवाल ने कहा, "हमने आपको उन भारतीय जहाजों की जानकारी दी है जो अब तक स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को पार कर चुके हैं। हमारे पास चार जहाज थे, वे एलपीजी से लदे हुए थे। वे भारत पहुंच चुके हैं। वे कुछ दिन पहले स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को सुरक्षित रूप से पार कर चुके हैं। हम सभी संबंधित देशों के संपर्क में बने हुए हैं, ताकि हमारे जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके और हमारी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।"
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर चिंता बढ़ा दी है। खासकर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के रणनीतिक महत्व के कारण, जो एक प्रमुख तेल परिवहन मार्ग है।
जब उनसे उन कुछ रिपोर्टों के बारे में पूछा गया, जिनमें दावा किया गया था कि भारत ने रूस से एलपीजी या एलएनजी आयात करने के लिए अमेरिका से मंजूरी मांगी थी, तो जायसवाल ने जवाब दिया, "आप हमारी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के हमारे व्यापक दृष्टिकोण से अच्छी तरह परिचित हैं। यह हमारे लोगों की जरूरतों को सुरक्षित करने की हमारी अनिवार्यता, बाजार की गतिशीलता और वैश्विक स्थिति पर आधारित है। इसलिए, हमारे ऊर्जा स्रोतों के संबंध में निर्णय लेने के लिए ये तीन मुद्दे या शर्तें हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और यह स्थिति अभी भी बनी हुई है। जहां तक विशिष्ट मुद्दों का सवाल है, जैसे कि हम किस देश से तेल खरीद रहे हैं, तो मेरा मानना ​​है कि बेहतर होगा कि आप इस संबंध में अपना प्रश्न पेट्रोलियम मंत्रालय से पूछें, क्योंकि वे इसका बेहतर जवाब दे पाएंगे।"
सरकार के अनुसार, पेट्रोलियम और एलपीजी की आपूर्ति की स्थिति नियंत्रण में है और देश में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कमी नहीं है, जबकि रिटेल आउटलेट्स के पास पर्याप्त स्टॉक है और वे ईंधन निरंतर उपलब्ध करा रहे हैं।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, विश्व के चौथे सबसे बड़े रिफाइनर और पांचवें सबसे बड़े पेट्रोलियम उत्पाद निर्यातक के रूप में भारत की घरेलू उपलब्धता संरचनात्मक रूप से सुनिश्चित है। जहां अन्य देशों ने राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल घोषित किया है या राशनिंग लागू की है, भारत को ऐसी कोई आवश्यकता नहीं है।
सरकार ने सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने वाले एक अभियान की निंदा की है। पेट्रोल पंपों पर भीड़ की जो इक्का-दुक्का घटनाएं सामने आईं, वे असल कमी के कारण नहीं, बल्कि मनगढ़ंत वीडियो के कारण थीं। तेल कंपनियों के डिपो रात भर काम करते रहे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पंपों पर ईंधन की सप्लाई बनी रहे।
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज की स्थिति के बावजूद, भारत अपने 41 से अधिक वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं से पहले से अधिक कच्चा तेल प्राप्त कर रहा है।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, भारत के पास कुल 74 दिनों की रिजर्व क्षमता है, और वर्तमान में वास्तविक स्टॉक कवर लगभग 60 दिन का है। इसमें कच्चे तेल का स्टॉक, उत्पाद स्टॉक और रणनीतिक भंडारण की सुविधाएं शामिल हैं। अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की खरीद पहले ही सुनिश्चित की जा चुकी है।
--आईएएनएस
 

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