businesskhaskhabar.com

Business News

Home >> Business

बाजार की पाठशाला : ईटीएफ क्या है, इसमें कैसे किया जाता है निवेश? जानिए इसके फायदे 

Source : business.khaskhabar.com | Jan 08, 2026 | businesskhaskhabar.com Market News Rss Feeds
 market school what is an etf how to invest in it learn about its benefits 782451मुंबई । आज के समय में शेयर बाजार में निवेश के कई विकल्प मौजूद हैं। इन्हीं में से एक अहम विकल्प है ईटीएफ, जिसे एक्सचेंज ट्रेडेड फंड कहा जाता है। ईटीएफ एक ऐसा निवेश विकल्प है जो शेयर बाजार में स्टॉक की तरह खरीदा और बेचा जाता है, लेकिन इसमें निवेश म्यूचुअल फंड की तरह कई शेयरों, वस्तुओं या परिसंपत्तियों में एक साथ होता है। 
ईटीएफ किसी एक इंडेक्स, वस्तु या प्रोपर्टी के मूल्य को दर्शाता है। उदाहरण के लिए, निफ्टी ईटीएफ, निफ्टी इंडेक्स के शेयरों में निवेश करता है। इसी तरह गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ सोने और चांदी की कीमत पर आधारित होता है। निवेशक अपने डीमैट अकाउंट के जरिए शेयर बाजार में ट्रेडिंग के समय ईटीएफ खरीद और बेच सकते हैं।
ईटीएफ में निवेश करने के लिए निवेशक के पास डीमैट अकाउंट और ट्रेडिंग अकाउंट होना जरूरी होता है। शेयर बाजार खुला होने पर ईटीएफ को उसी तरह खरीदा जा सकता है, जैसे किसी कंपनी का शेयर खरीदा जाता है। इसकी कीमत दिन भर बदलती रहती है, जो संबंधित सूचकांक या वस्तु के मूल्य पर निर्भर करती है।
बाजार के जानकारों के मुताबिक, इक्विटी यानी शेयर में निवेश करने पर पैसा किसी एक कंपनी में लगता है, जबकि ईटीएफ में एक साथ कई कंपनियों या परिसंपत्तियों में निवेश हो जाता है। इक्विटी में जोखिम ज्यादा होता है क्योंकि कंपनी के खराब प्रदर्शन से नुकसान हो सकता है, वहीं ईटीएफ में जोखिम तुलनात्मक रूप से कम होता है क्योंकि निवेश बंटा हुआ होता है।
वहीं अगर म्यूचुअल फंड को लेकर इसकी तुलना करें तो म्यूचुअल फंड में निवेश दिन के अंत की नेट एसेट वैल्यू पर होता है, जबकि ईटीएफ को दिन में कभी भी खरीदा या बेचा जा सकता है। म्यूचुअल फंड का प्रबंधन सक्रिय रूप से किया जाता है, जबकि अधिकतर ईटीएफ निष्क्रिय होते हैं और इंडेक्स को फॉलो करते हैं। इसके अलावा ईटीएफ में खर्च अनुपात भी कम होता है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि ईटीएफ का सबसे बड़ा फायदा इसकी पारदर्शिता और कम लागत है। निवेशक को पता होता है कि उसका पैसा कहां लगाया गया है। कम खर्च अनुपात के चलते लंबे समय में बेहतर रिटर्न की संभावना रहती है। इसके अलावा ईटीएफ में तरलता अधिक होती है और इन्हें कभी भी खरीदा या बेचा जा सकता है।
--आईएएनएस
 

[@ सास को दामाद से हुआ इश्क, शादी करती लेकिन...]


[@ इस मंत्र से पूजें गणेश,बन जाएंगे बिगडे काम]


[@ जब इस डायरेक्टर ने राखी गुलजार को मारा था थप्पड़]