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 भारत की मजबूत विकास दर पर दुनिया का भरोसा, लगातार 7 प्रतिशत से अधिक की विकास दर देश की आर्थिक मजबूती का संकेत: सांख्यिकी मंत्रालय के सचिव

Source : business.khaskhabar.com | Oct 05, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 the world has confidence in indias strong growth rate consistent growth rates of over 7 percent indicate the countrys economic strength secretary of the ministry of statistics 850389नई दिल्ली । भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर घरेलू और वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) के सचिव डॉ. सौरभ गर्ग ने रविवार को कहा कि भारत की मौजूदा विकास दर उत्साहजनक है और पिछले तीन वर्षों से देश लगातार 7 प्रतिशत से अधिक की आर्थिक वृद्धि दर्ज कर रहा है। 
न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि वास्तविक अर्थव्यवस्था से जुड़े विभिन्न संकेतक भी इसी सकारात्मक रुख की पुष्टि कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, "भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति को देखते हुए कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी अपनी विकास दर के अनुमानों में संशोधन कर रही हैं। यह देश की आर्थिक नीतियों और विकास क्षमता में बढ़ते वैश्विक विश्वास को दर्शाता है।"
वहीं, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति की अंतरराष्ट्रीय व्यापार और बहुपक्षीय सहयोग मामलों की विशेष दूत मारी एल्का पांगेस्टु ने वैश्विक व्यापार के बदलते माहौल पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि अमेरिका टैरिफ को आर्थिक नीति के उपकरण के रूप में इस्तेमाल करना चाहता है, तो यह उसका निर्णय है, लेकिन बाकी देशों को एक-दूसरे के खिलाफ संरक्षणवादी नीतियां नहीं अपनानी चाहिए।
उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "अमेरिका का वैश्विक व्यापार में हिस्सा लगभग 13 प्रतिशत है, जबकि शेष 87 प्रतिशत व्यापार दुनिया के अन्य देशों के बीच होता है। इसलिए देशों को परस्पर निवेश और व्यापार बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए, चाहे वह द्विपक्षीय समझौतों के जरिए हो या क्षेत्रीय साझेदारियों के माध्यम से।"
मारी एल्का पांगेस्टु ने आगे कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि चाहे द्विपक्षीय स्तर पर हो या आसियान-भारत सहयोग के तहत, दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश की संभावनाओं का अभी पूरा उपयोग नहीं हो पाया है।
उन्होंने बताया कि वस्तुओं और सेवाओं, दोनों क्षेत्रों में विस्तार की काफी गुंजाइश है। पर्यटन क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच लोगों के आवागमन और सेवा क्षेत्र में सहयोग को भी अधिक बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि खंडित वैश्विक परिदृश्य में उन देशों के साथ साझेदारी बढ़ाना अधिक महत्वपूर्ण है, जहां सहयोग के अवसर मौजूद हैं।
भारत और इंडोनेशिया के बीच व्यापार एवं निवेश बढ़ाने के अवसरों पर बात करते हुए मारी एल्का पांगेस्टु ने आईएएनएस से कहा कि विनिर्माण और सेमीकंडक्टर ऐसे क्षेत्र हैं, जहां दोनों देशों के बीच व्यापक सहयोग की संभावना है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर की मांग लगातार बढ़ रही है और दोनों देश इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं। इसके अलावा ऑटोमोबाइल क्षेत्र, विशेषकर इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) उद्योग भी सहयोग का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बन सकता है।
मारी एल्का पांगेस्टु ने आगे कहा, "इंडोनेशिया के पास बैटरी निर्माण के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण खनिज संसाधन उपलब्ध हैं और देश इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के विकास में रुचि रखता है। वहीं भारत का बड़ा बाजार और बढ़ती विनिर्माण क्षमता दोनों देशों के लिए लाभकारी साझेदारी का आधार बन सकती है।"
--आईएएनएस
 

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