सेंसेक्स करीब 1,000 अंक फिसला, इन कारणों के चलते बाजार में आई बड़ी गिरावट
बाजार में गिरावट की वजह विदेशी निवेशकों की ओर से बिकवाली जारी रहना है। यह बाजार में नकारात्मक सेंटीमेंट को बढ़ावा दे रहा है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 4,673 रुपए की इक्विटी में बिकवाली की थी, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 6,333 करोड़ रुपए का इक्विटी में निवेश किया।
एलपीजी संकट के बीच भागे इंडक्शन चूल्हा बनाने वाली कंपनियों के शेयर
पिजन नाम में प्रोडक्ट्स बेचने वाली कंपनी स्टोव क्राफ्ट का शेयर 5.05 प्रतिशत की तेजी के साथ 510 रुपए पर था। अब तक के कारोबार में शेयर ने 525 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ है। दूसरी तरफ, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि एलपीजी संकट के देखते हुए शहरी परिवारों को इलेक्ट्रिक इंडक्शन स्टोव से खाना पकाने के लिए प्रोत्साहित और प्रेरित किया जाना चाहिए।
फरवरी में म्यूचुअल फंड एसआईपी इनफ्लो 29,845 करोड़ रुपए रहा
नेट इक्विटी इनफ्लो फरवरी में बढ़कर 25,977.91 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि जनवरी में 24,028.59 करोड़ रुपए था। फरवरी में मल्टीकैप फंड में 1,933.53 रुपए का नेट इक्विटी इनफ्लो दर्ज किया गया है, जो जनवरी में 1,995.23 करोड़ रुपए था। लार्ज कैप फंड में 2,111.68 करोड़ रुपए का नेट इक्विटी इनफ्लो आया है। यह जनवरी में 2,004.98 करोड़ रुपए था।
इक्विटी इनफ्लो फरवरी में बढ़कर 25,977.91 करोड़ रुपए हुआ, एयूएम 82 लाख करोड़ रुपए के पार
एम्फी के मुताबिक, फरवरी के अंत तक म्यूचुअल फंड्स का इक्विटी एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) बढ़कर 35,39,475.91 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि जनवरी में 34,86,777.63 करोड़ रुपए था। फरवरी में मल्टीकैप फंड में 1,933.53 रुपए का नेट इक्विटी इनफ्लो दर्ज किया गया है। लार्ज कैप फंड में 2,111.68 करोड़ रुपए का नेट इक्विटी इनफ्लो आया है।
सेंसेक्स 650 अंक से अधिक उछला, इन कारणों के चलते शेयर बाजार में आई तेजी
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी तेजी देखी जा रही है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 721 अंक या 1.28 प्रतिशत की तेजी के साथ 56,892 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 274 अंक या 1.70 प्रतिशत की तेजी के साथ 16,406 पर था।
भारतीय शेयर बाजार 11 महीनों के निचले स्तर पर, इन कारणों के चलते आई गिरावट
वैश्विक बाजारों में कमजोरी के संकेत भी भारतीय शेयर बाजार में गिरावट की बड़ी वजह है। एशिया में टोक्यो, शंघाई, सोल, बैंकॉक, हांगकांग और जकार्ता सभी बाजार हरे निशान में थे। अमेरिकी बाजार भी शुक्रवार को लाल निशान में बंद हुए थे।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से भारतीय तेल कंपनियों के शेयर 9 प्रतिशत तक लुढ़के
कारोबार के दौरान सबसे ज्यादा गिरावट एचपीसीएल के शेयरों में देखी गई, जो करीब 8.7 प्रतिशत तक टूट गए। इसके बाद बीपीसीएल के शेयर लगभग 7.99 प्रतिशत और आईओसीएल के शेयर करीब 7.2 प्रतिशत तक गिर गए।