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भारत और रूस ने रेलवे, ड्रोन, एसजे-100 विमानों और महत्वपूर्ण खनिज क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जताई सहमति

Source : business.khaskhabar.com | Aug 08, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 india and russia agreed to increase cooperation in railways drones sj 100 aircraft and important mineral sectors 834943नई दिल्ली । भारत और रूस ने रेलवे परिवहन, मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी), एसजे-100 क्षेत्रीय विमान और महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई है। दोनों देशों के बीच यह चर्चा शुक्रवार को आयोजित भारत-रूस कार्य समूह की 12वीं बैठक के दौरान हुई। 
यह बैठक भारत-रूस अंतर-सरकारी व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग आयोग के तहत गठित आधुनिकीकरण और औद्योगिक सहयोग कार्य समूह के अंतर्गत राष्ट्रीय राजधानी स्थित वाणिज्य भवन में आयोजित की गई।
बैठक में भारतीय पक्ष का नेतृत्व वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया ने किया, जबकि रूसी पक्ष की ओर से रूस के उद्योग एवं व्यापार उपमंत्री अलेक्सी ग्रुजदेव ने सह-अध्यक्षता की।
बैठक के दौरान रेलवे क्षेत्र में नए सहयोगी अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं का विकास, वंदे भारत ट्रेन परियोजना और आधुनिक सिग्नलिंग उपकरणों से जुड़े विषय प्रमुख रहे। दोनों देशों ने रेलवे नेटवर्क के आधुनिकीकरण और तकनीकी सहयोग को बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार किया।
इसके साथ ही मानवरहित हवाई वाहन (यूएवी), 3-डी प्रिंटिंग तकनीक, रूस के एसजे-100 क्षेत्रीय यात्री विमान के उत्पादन और एयरो-इंजन क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के मुद्दों पर भी चर्चा की गई। एसजे-100 एक नैरो-बॉडी जेट विमान है, जिसमें लगभग 103 यात्रियों को ले जाने की क्षमता है।
दोनों देशों के बीच कार्बन फाइबर तकनीक, प्रोपल्शन सिस्टम, डीएपी और एनपीके उर्वरकों की आपूर्ति, औद्योगिक स्वचालन (ऑटोमेशन) तथा महत्वपूर्ण खनिजों से जुड़े सहयोग पर भी बात हुई।
इसके अलावा लिथियम खनन, टाइटेनियम तकनीक, एल्यूमीनियम क्षेत्र, खनन उपकरण निर्माण और दुर्लभ मृदा तत्वों (रेयर अर्थ एलीमेंट्स) की खोज में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी।
बैठक में 11वें सत्र के बाद हुई प्रगति की समीक्षा की गई और आधुनिकीकरण, खनन, उर्वरक तथा रेलवे परिवहन से जुड़े विभिन्न उप-समूहों के कार्यों का मूल्यांकन किया गया।
बैठक के बाद जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, 12वें सत्र में आधुनिक औद्योगिकीकरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, एयरोस्पेस, रेलवे अवसंरचना, उर्वरक एवं रसायन, दुर्लभ मृदा तत्व और क्रिटिकल मिनरल्स, नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में क्षमता निर्माण, ऊर्जा इंजीनियरिंग, औद्योगिक अवसंरचना, खनन उपकरण, एल्यूमीनियम उद्योग और यूरिया उत्पादन के लिए संयुक्त उद्यम जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया।
बैठक के दौरान, दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने 12वें सत्र के प्रोटोकॉल दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। इसके जरिए भारत और रूस ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा औद्योगिक एवं आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक में दोनों देशों के करीब 60 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
 

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