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भारत वैश्विक निवेश के लिए एक खुला और आकर्षक गंतव्य बना हुआ है: सेबी प्रमुख

Source : business.khaskhabar.com | Apr 11, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 india remains an open and attractive destination for global investment sebi chief 805354नई दिल्ली । सेबी यानी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (एसईबीआई) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने कहा है कि भारत आज भी वैश्विक निवेश के लिए एक खुला और आकर्षक गंतव्य बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मजबूत मैक्रोइकॉनॉमिक आधार, तेजी से बढ़ता निवेशक आधार और सुधारों पर केंद्रित नीतियां भारत को वैश्विक पूंजी के लिए खास बनाती हैं। 
सेबी प्रमुख ने ये बातें अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और भारतीय महावाणिज्य दूतावास (सीजीआई) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक इंटरएक्टिव सेशन के दौरान कही। इस सत्र में वैश्विक निवेशकों और वेंचर कैपिटल से जुड़े दिग्गजों ने हिस्सा लिया और भारत में निवेश के अवसरों तथा भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों पर चर्चा की।
अपने संबोधन में सेबी प्रमुख ने पारदर्शी, परामर्श-आधारित और तकनीक-संचालित नियामकीय ढांचे के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि सेबी का फोकस जोखिम-आधारित और निवेश को आसान बनाने वाली नीतियों पर है, जिससे विदेशी निवेशकों के लिए बाजार में प्रवेश सरल हो सके और पूंजी बाजार की स्थिरता बनी रहे।
उन्होंने बताया कि हाल के समय में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के रजिस्ट्रेशन और री-केवाईसी प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल में बढ़ोतरी, आईपीओ बाजार की मजबूती और वैकल्पिक निवेश फंड्स (एआईएफ) की बढ़ती भूमिका ने बाजार को और मजबूत किया है। इसके अलावा, घरेलू निवेशकों की बढ़ती भागीदारी भी बाजार को स्थिरता और गहराई प्रदान कर रही है।
आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए पांडे ने कहा कि नियंत्रित महंगाई, मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार और संतुलित बाहरी खाते भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देते हैं, जिससे यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है।
वहीं सैन फ्रांसिस्को में भारत के महावाणिज्य दूत के. श्रीकर रेड्डी ने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। उन्होंने कहा कि सुधारों, मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते भारत का विकास तेज हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार 240 अरब डॉलर से अधिक हो चुका है और इसे 2030 तक 500 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस मौके पर सीआईआई के प्रेसिडेंट डिजिग्नेट और टाटा केमिकल्स के एमडी और सीईओ रामकृष्णन मुकुंदन ने सरकार, उद्योग और वैश्विक निवेशकों के बीच सहयोग को भारत के भविष्य की ग्रोथ के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि भारत की आने वाली प्रगति वैश्विक साझेदारी पर निर्भर करेगी, खासकर अमेरिका के साथ, जिससे इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग और सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा।
इस सत्र के दौरान निवेशकों और नीति-निर्माताओं के बीच खुलकर बातचीत हुई, जिसमें नियामकीय प्रक्रियाओं को और सरल बनाने, क्रॉस-बॉर्डर निवेश नियमों में स्पष्टता लाने, डीप-टेक सेक्टर के लिए फंडिंग बढ़ाने और डिजिटल प्रक्रियाओं को तेज करने जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।
--आईएएनएस
 

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