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बाजार की पाठशाला : म्यूचुअल फंड, एफडी और आरडी क्या होते हैं? पैसा लगाने से पहले समझ लें अंतर

Source : business.khaskhabar.com | Jan 07, 2026 | businesskhaskhabar.com Market News Rss Feeds
 market insights what are mutual funds fds and rds understand the differences before investing 782253मुंबई। आज के समय में पैसे की बचत और निवेश के लिए लोगों के पास कई विकल्प मौजूद हैं। इनमें शेयर मार्केट के अतिरिक्त म्यूचुअल फंड, एफडी और आरडी सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले निवेश विकल्प हैं। हालांकि, बहुत से लोग इनके नाम तो जानते हैं, लेकिन इनके बीच का फर्क और इनमें मिलने वाले मुनाफे को सही तरीके से नहीं समझ पाते। ऐसे में निवेश से पहले इन तीनों को समझना बेहद जरूरी हो जाता है। 

म्यूचुअल फंड एक ऐसा निवेश माध्यम है, जिसमें कई निवेशकों का पैसा एक साथ इकट्ठा किया जाता है और उसे शेयर बाजार, बॉन्ड या अन्य वित्तीय साधनों में लगाया जाता है। इसे पेशेवर फंड प्रबंधक संभालते हैं। उदाहरण के लिए, अगर आप हर महीने 2,000 रुपए म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं, तो लंबे समय में बाजार के प्रदर्शन के आधार पर आपका पैसा बढ़ सकता है। इसमें मुनाफा ज्यादा हो सकता है, लेकिन जोखिम भी रहता है।

वहीं, एफडी यानी फिक्स्ड डिपॉजिट बैंक द्वारा दी जाने वाली सुरक्षित निवेश योजना है। इसमें आप एक तय राशि बैंक में एक निश्चित समय के लिए जमा करते हैं और उस पर पहले से तय ब्याज मिलता है। मान लीजिए, आपने बैंक में 1 लाख रुपए की एफडी 5 साल के लिए कराई है, तो आपको तय ब्याज दर के अनुसार निश्चित रिटर्न मिलेगा। इसमें जोखिम बहुत कम होता है, लेकिन मुनाफा भी सीमित रहता है।

आरडी यानी रिकरिंग डिपॉजिट उन लोगों के लिए होती है, जो हर महीने थोड़ी-थोड़ी रकम बचाना चाहते हैं। इसमें तय समय तक हर महीने एक निश्चित राशि जमा करनी होती है और अंत में ब्याज के साथ पूरी रकम मिल जाती है। जैसे, अगर आप हर महीने 1,000 रुपए आरडी में जमा करते हैं, तो कुछ साल बाद आपको एक अच्छी रकम मिल सकती है।

बाजार के जानकारों के मुताबिक, म्यूचुअल फंड बाजार से जुड़ा होता है, इसलिए इसमें जोखिम और मुनाफा दोनों ज्यादा हो सकते हैं। वहीं, एफडी और आरडी पूरी तरह सुरक्षित मानी जाती हैं, क्योंकि इनमें बैंक तय ब्याज देता है। म्यूचुअल फंड में रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती, जबकि एफडी और आरडी में रिटर्न पहले से तय होता है।

लंबे समय में देखा जाए तो, म्यूचुअल फंड से मिलने वाला मुनाफा एफडी और आरडी से ज्यादा हो सकता है। हालांकि, इसमें उतार-चढ़ाव का जोखिम रहता है। एफडी और आरडी उन लोगों के लिए बेहतर होती हैं, जो सुरक्षित और निश्चित रिटर्न चाहते हैं।

एक्सपर्ट्स के अनुसार, जो लोग जोखिम लेने को तैयार हैं और लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए म्यूचुअल फंड बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। वहीं, सुरक्षित निवेश और नियमित बचत के लिए एफडी और आरडी ज्यादा सही मानी जाती हैं।

जानकारों का कहना है कि निवेश करते समय सिर्फ मुनाफा ही नहीं, बल्कि जोखिम और अपनी जरूरतों को समझना भी जरूरी है। म्यूचुअल फंड, एफडी और आरडी तीनों के अपने फायदे हैं। लेकिन सही जानकारी के साथ या एक्सपर्ट्स की सलाह के अनुसार निवेश करने से ही भविष्य के लिए बेहतर सेविंग्स की जा सकती है।

-आईएएनएस

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