businesskhaskhabar.com

Business News

Home >> Business

भारत में 2026 के त्योहारी सीजन में कारोबार 7 लाख करोड़ रुपए पर पहुंचने का अनुमान: कैट 

Source : business.khaskhabar.com | Oct 14, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 business during india 2026 festive season projected to reach ₹7 lakh crore cait 853033नई दिल्ली । भारत में 2026 के त्योहारी सीजन (नवरात्रि से लेकर दीपावली तक) में कारोबार 7 लाख करोड़ रुपए से अधिक पहुंचने का अनुमान है, यह पिछले साल के आंकड़े से 15-18 प्रतिशत है। यह जानकारी कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की ओर से दी गई। 
कैट के नेशनल सेक्रेटरी जनरल और चांदनी चौक के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि यह अनुमान अलग-अलग राज्यों के व्यापार संघों और बाजारों से मिली जानकारी, ग्राहकों की मांग, त्योहारों के दौरान खरीदारी के ट्रेंड और ग्रामीण व अर्ध-शहरी इलाकों में बढ़ी हुई कमर्शियल गतिविधियों पर आधारित था।
उन्होंने कहा कि पिछले साल त्योहारों के दौरान कुल कारोबार लगभग 6.05 लाख करोड़ रुपए का था, जिसमें 5.40 लाख करोड़ रुपए का सामान और 65,000 करोड़ रुपए की सेवाएं शामिल थीं।
कैट के अनुसार, मौजूदा त्योहारी सीजन में सर्विस सेक्टर में 20-25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की उम्मीद है और इसका कारोबार 80,000 करोड़ रुपए से 1 लाख करोड़ रुपए के बीच रहने का अनुमान है।
त्योहारों के समय बढ़ने वाली मांग से ट्रांसपोर्टेशन, लॉजिस्टिक्स, ई-कॉमर्स डिलीवरी, वेयरहाउसिंग, होटल, रेस्टोरेंट, टूरिज्म, कैटरिंग, इवेंट मैनेजमेंट और लोकल ट्रांसपोर्टेशन जैसे सेक्टर को फायदा होने की उम्मीद है।
कैट के शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, त्योहारों के दौरान होने वाले व्यापार में ग्रोसरी और फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) की हिस्सेदारी 12 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, इसके बाद सोना, चांदी और ज्वेलरी का नंबर आता है जिनकी हिस्सेदारी 10 प्रतिशत होगी।
इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल सामान की हिस्सेदारी 8 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रेडीमेड कपड़े और गिफ्ट आइटम की हिस्सेदारी 7-7 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
व्यापारी संगठन ने कहा कि होम डेकोर और फर्नीचर व फर्निशिंग की हिस्सेदारी 5-5 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।
बाकी कैटेगरी में टेक्सटाइल और फैब्रिक, मिठाई और नमकीन, पूजा का सामान, फल ​​और ड्राई फ्रूट्स, बेकरी और कन्फेक्शनरी, जूते-चप्पल और अन्य सामान व उनसे जुड़े बिजनेस शामिल हैं।
खंडेलवाल ने कहा कि त्योहारों के मौसम में धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और कमर्शियल इवेंट्स - जैसे रामलीला, दुर्गा पूजा सेलिब्रेशन, गरबा और डांडिया इवेंट्स, मेले, एग्जीबिशन और कम्युनिटी गैदरिंग - के जरिए भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
उन्होंने कहा कि त्योहारों के बिजनेस में होने वाली संभावित बढ़ोतरी से पता चलता है कि कंज्यूमर अब स्थानीय स्तर पर बने प्रोडक्ट्स, हैंडीक्राफ्ट, भारतीय ब्रांड और माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) द्वारा बनाए गए सामान को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
खंडेलवाल ने इस ट्रेंड के लिए कुछ हद तक 'वोकल फॉर लोकल', 'मेड इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसे इनिशिएटिव्स को मिली बढ़ती स्वीकार्यता को जिम्मेदार बताया।
उन्होंने कंज्यूमर्स से त्योहारों के मौसम में भारतीय प्रोडक्ट्स को प्राथमिकता देने की अपील की और कहा कि इससे व्यापारियों, कारीगरों, एमएसएमई, महिला उद्यमियों, स्टार्टअप्स और स्थानीय सर्विस प्रोवाइडर्स को फायदा होगा।
कैट ने भरोसा जताया कि नवरात्रि से दीपावली 2026 तक चलने वाला त्योहारों का मौसम देश के व्यापार, सर्विस सेक्टर और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा।
--आईएएनएस 

[@ हनुमानजी व शनिदेव के बीच क्या है रिश्ता]


[@ खूब खाइए हरी सब्जियां घटेगा मोतियाबिंद का खतरा]


[@ खुद को160बार कटवाया जहरीले सांपों से, क्यों!]


Headlines