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दिल्ली ईवी नीति 2026 को मिला जोरदार रिस्पॉन्स: 3 महीने में 7,700 से अधिक आवेदन; 7.91 करोड़ रुपए की सब्सिडी वितरित

Source : business.khaskhabar.com | Oct 12, 2026 | businesskhaskhabar.com Automobile News Rss Feeds
 delhi ev policy 2026 receives strong response over 7700 applications in 3 months subsidy worth rs 791 crore distributed 852292नई दिल्ली । दिल्ली सरकार की ईवी पॉलिसी 2026 को लॉन्च के बाद से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। 1 जुलाई 2026 से लागू इस नीति के तहत 8 अक्टूबर तक 7,782 प्रोत्साहन (इंसेंटिव) आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि 2,731 लाभार्थियों को 7.91 करोड़ रुपए की सब्सिडी वितरित की जा चुकी है। यह आंकड़े दिखाते हैं कि राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों की स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है। रविवार को एक बयान में यह जानकारी सामने आई है। 
सरकार का कहना है कि यह नीति वायु प्रदूषण कम करने, स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने और दिल्ली को हरित एवं टिकाऊ शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
बयान के अनुसार, दिल्ली ईवी नीति के तहत प्राप्त कुल आवेदनों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की रही है, जिसमें अब तक 7,706 आवेदन इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स से जुड़े मिले।
आंकड़ों के अनुसार, 2,707 लाभार्थियों को 7.61 करोड़ रुपए की खरीद प्रोत्साहन राशि वितरित की गई है। इसके अलावा, पुराने वाहनों को स्क्रैप कर नए ईवी खरीदने वालों को 29.50 लाख रुपए की स्क्रैपिंग इंसेंटिव राशि दी गई है, जिसका लाभ 79 लोगों ने लिया।
नीति के तहत विभिन्न श्रेणियों के इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी दी जा रही है। पहले वर्ष में 2.25 लाख रुपए तक की एक्स-शोरूम कीमत वाले इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर बैटरी क्षमता के आधार पर अधिकतम 30,000 रुपए तक की सब्सिडी उपलब्ध है।
इसी तरह इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर, माल ढुलाई वाले इलेक्ट्रिक वाहनों और अन्य श्रेणियों के लिए भी अलग-अलग प्रोत्साहन राशि निर्धारित की गई है। सरकार का लक्ष्य शुरुआती वर्षों में अधिक से अधिक लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर आकर्षित करना है।
दिल्ली ईवी नीति के तहत पुराने प्रदूषणकारी वाहनों को हटाने के लिए स्क्रैपिंग इंसेंटिव की भी व्यवस्था की गई है।
यदि कोई व्यक्ति अधिकृत स्क्रैपिंग सुविधा में पुराना दिल्ली-पंजीकृत वाहन जमा कर छह महीने के भीतर नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदता है, तो उसे अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
उदाहरण के तौर पर, पुराने बीएस-IV या उससे नीचे के दोपहिया वाहन को स्क्रैप कर नया इलेक्ट्रिक दोपहिया खरीदने पर 10,000 रुपए। वहीं, पुराने कार को स्क्रैप कर 30 लाख रुपए तक की कीमत वाली नई इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर 1 लाख रुपए तक का प्रोत्साहन, जबकि पुराने माल वाहक वाहन को स्क्रैप कर इलेक्ट्रिक गुड्स वाहन खरीदने पर 50,000 रुपए तक की सहायता प्रदान की जाएगी।
बयान में कहा गया है कि नीति की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक योग्य इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में 100 प्रतिशत छूट है।
30 लाख रुपए तक की एक्स-शोरूम कीमत वाली इलेक्ट्रिक कारों को 31 मार्च 2030 तक इस लाभ का फायदा मिलेगा, जिससे इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की कुल लागत में उल्लेखनीय कमी आती है।
इसके साथ ही, सरकार ने लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान किया है। नीति के तहत दिल्ली में खरीदे और पंजीकृत होने वाले पहले 1,000 एन2 श्रेणी के निजी इलेक्ट्रिक ट्रकों को नो-एंट्री समय प्रतिबंध से 10 वर्षों तक छूट दी जाएगी। इससे दिल्ली में इलेक्ट्रिक मालवाहक वाहनों के उपयोग को गति मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देने से जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होगी, प्रदूषण घटेगा और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था विकसित होगी। लगातार बढ़ते आवेदन इस बात का संकेत हैं कि लोग इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अपनाने के लिए तैयार हैं।
--आईएएनएस
 

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