विनफास्ट की भारत में इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार पर नजर, 15 राज्यों में 50 से अधिक डीलरों से किया समझौता
Source : business.khaskhabar.com | Oct 09, 2026 | 

वियतनाम की वाहन निर्माता कंपनी विनफास्ट ने भारत में अपने इलेक्ट्रिक दोपहिया कारोबार के विस्तार की तैयारी तेज कर दी है। कंपनी ने देश के 15 राज्यों और केंद्रशासित क्षेत्रों के 34 शहरों में 50 से अधिक इलेक्ट्रिक दोपहिया डीलरों के साथ आशय पत्रों (लेटर ऑफ इंटेंट) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पहल के जरिए कंपनी देशभर में अपने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री के लिए समर्पित शोरूम का नेटवर्क तैयार करना चाहती है। कंपनी के अनुसार, इन समझौतों पर वियतनाम के हाई फोंग स्थित उसके विनिर्माण परिसर में हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान भारतीय डीलर साझेदारों ने कंपनी के विनिर्माण परिसर का दौरा भी किया। प्रस्तावित नेटवर्क का उद्देश्य इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को अधिक ग्राहकों तक पहुंचाना और बिक्री के साथ-साथ चार्जिंग सुविधाओं तथा बिक्री के बाद की सेवाओं को मजबूत करना है।
उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक होगा विस्तारविनफास्ट की प्रस्तावित डीलरशिप योजना में देश के कई प्रमुख बाजार शामिल हैं। उत्तर भारत में दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान और पंजाब को जगह दी गई है। मध्य भारत में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश में नेटवर्क विकसित करने की योजना है। पश्चिम भारत में महाराष्ट्र और गुजरात, जबकि दक्षिण भारत में कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश को शामिल किया गया है। पूर्वी भारत में पश्चिम बंगाल और ओडिशा भी इस विस्तार योजना का हिस्सा हैं।
कंपनी का मानना है कि इन क्षेत्रों में दोपहिया वाहनों की मांग अधिक है और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए भी अच्छी संभावनाएं मौजूद हैं। नए डीलर नेटवर्क के माध्यम से विनफास्ट ग्राहकों के करीब पहुंचने के साथ अपने ब्रांड की उपस्थिति बढ़ाना चाहती है।
चार्जिंग सुविधाओं और बिक्री के बाद की सेवाओं पर भी जोरइलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में केवल वाहन उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है। ग्राहकों के लिए चार्जिंग की सुविधा, नियमित रखरखाव और बिक्री के बाद भरोसेमंद सेवा भी महत्वपूर्ण होती है। विनफास्ट अपने विस्तार कार्यक्रम में इन पहलुओं पर भी काम करने की योजना बना रही है।विनफास्ट ई-स्कूटर्स के विदेशी बाजारों की प्रबंध निदेशक वो थी कैम तू के अनुसार, भारत कंपनी की वैश्विक विकास रणनीति का एक महत्वपूर्ण बाजार है। देश का बड़ा दोपहिया बाजार, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की बढ़ती मांग और लंबे समय में कारोबार बढ़ाने की संभावनाएं इसे कंपनी के लिए अहम बनाती हैं।
विनफास्ट इंडिया ई-स्कूटर्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनुराग सक्सेना ने भी 50 से अधिक डीलरों के साथ हुई साझेदारी को देशव्यापी विस्तार की शुरुआत बताया। उनके अनुसार, कंपनी बिक्री नेटवर्क विकसित करने के साथ चार्जिंग ढांचे और ग्राहकों को दी जाने वाली सेवाओं को मजबूत करने पर भी ध्यान दे रही है।
2025 में भारत के हरित वाहन बाजार में आई थी कंपनीविनफास्ट ने वर्ष 2025 में भारत के हरित वाहन बाजार में प्रवेश किया था। शुरुआत में कंपनी का ध्यान इलेक्ट्रिक कारों पर था और उसने वितरण, विनिर्माण तथा असेंबली गतिविधियों के माध्यम से बाजार में अपनी उपस्थिति बनाने की दिशा में काम किया।
अब इलेक्ट्रिक दोपहिया कारोबार के लिए अलग डीलर नेटवर्क तैयार करने की पहल कंपनी की रणनीति में एक नया कदम है। हालांकि, आशय पत्रों पर हस्ताक्षर होने का अर्थ यह नहीं है कि सभी शोरूम शुरू हो चुके हैं। इन समझौतों के आधार पर कंपनी को आने वाले समय में अपना बिक्री नेटवर्क विकसित करना है।
भारत में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए बड़ी संभावनाएंभारत दुनिया का सबसे बड़ा दोपहिया वाहन बाजार है। विनफास्ट के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में देश में 2.141 करोड़ दोपहिया वाहन पंजीकृत हुए। इनमें इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 6.54 प्रतिशत रही।
कंपनी का मानना है कि दोपहिया बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की यह हिस्सेदारी अभी सीमित है, इसलिए आने वाले समय में इस क्षेत्र में विस्तार की काफी गुंजाइश है। इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की बढ़ती संभावनाओं के बीच डीलर नेटवर्क का विस्तार कंपनियों को ग्राहकों तक पहुंच बनाने में मदद कर सकता है।
विनफास्ट के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण चुनौती प्रस्तावित शोरूम नेटवर्क को प्रभावी ढंग से विकसित करना, ग्राहकों को भरोसेमंद सेवा देना और अपने इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बाजार में पहचान बनाना होगा। 50 से अधिक डीलरों के साथ हुए समझौते भारत में कंपनी के इस कारोबार के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
[@ गजब! अजगर और मगर के बीच रहता है ये परिवार]
[@ ब्यूटी टिप्स:लगे अपनी उम्र से 5 साल कम ]
[@ व्यापार में सफलता के अचूक उपाय]