सेमीकॉन 2.0 से टेलीकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए घरेलू चिप डिजाइन को मिल सकता है बढ़ावा : आईईएसए अध्यक्ष
Source : business.khaskhabar.com | Oct 09, 2026 | 
बेंगलुरु। इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स एंड सेमीकंडक्टर एसोसिएशन (आईईएसए) के अध्यक्ष और सेमी इंडिया के अध्यक्ष एवं सीईओ अशोक चंडक ने शुक्रवार को कहा कि भारत को टेलीकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए घरेलू चिप डिजाइन क्षमताओं को मजबूत करने और छोटे एवं मध्यम उद्यमों (एसएमई) को ग्रोथ कैपिटल उपलब्ध कराने की जरूरत है, जिससे वे अपना कारोबार बढ़ा सकें और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
चंडक ने कहा कि भारत का टेलीकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर फिलहाल काफी हद तक आयातित उत्पादों और उपकरणों पर निर्भर है, जबकि इस क्षेत्र के लिए घरेलू स्तर पर चिप डिजाइन का काम सीमित है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सेमीकॉन 2.0 नीति घरेलू चिप डिजाइन और स्वदेशी बौद्धिक संपदा (आईपी) के विकास को प्रोत्साहित कर सकती है, जिससे 5जी और 6जी दूरसंचार बुनियादी ढांचे की जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा।
चंडक ने कहा, "दूरसंचार बुनियादी ढांचे का अधिकांश हिस्सा आयातित उत्पादों पर आधारित है। भारत में डिजाइन किए जाने वाले चिप्स की संख्या बहुत कम है या लगभग न के बराबर है।"
उन्होंने कहा कि टेलीकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों और तकनीकी विशिष्टताओं को समझने से भारत को अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप चिप डिजाइन करने में मदद मिलेगी। वहीं, सेमीकॉन 2.0 स्थानीय डिजाइन और बौद्धिक संपदा के विकास को समर्थन दे सकती है।
उन्होंने कहा, "सेमीकॉन 2.0 नीति टेलीकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों को पूरा करने के लिए इन चिप्स के स्थानीय डिजाइन और बौद्धिक संपदा अधिकारों (आईपीआर) के विकास को प्रोत्साहित करेगी और इसमें मदद करेगी।"
चंडक ने आगे कहा, "भारत अब एक बिल्कुल अलग चरण में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उनकी नीतियों, उनके सहयोगियों और विभिन्न विभागों के प्रयासों से भारत को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित किया गया है। अब दुनिया भर की कई कंपनियां और देश भारत पर भरोसा कर रहे हैं।"
इंडिया मोबाइल कांग्रेस और सेमीकॉन इंडिया की पूरक भूमिकाओं पर जोर देते हुए चंडक ने कहा कि इंडिया मोबाइल कांग्रेस मुख्य रूप से टेलीकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर, उपकरणों, उनकी स्थापना और संबंधित विकास पर केंद्रित है। वहीं, सेमीकॉन इंडिया का उद्देश्य चिप डिजाइन से लेकर विनिर्माण तक, सेमीकंडक्टर की पूरी वैल्यू चेन विकसित करना है।
उन्होंने इन दोनों पहलों को व्यापक प्रौद्योगिकी इकोसिस्टम के अलग-अलग, लेकिन एक-दूसरे से जुड़े हुए घटक बताया।
--आईएएनएस
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