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1 जुलाई से व्यावसायिक ग्राहकों के लिए पेट्रोल-डीजल बिक्री पर लगी पाबंदियां हटाएगी सरकार

Source : business.khaskhabar.com | Jun 30, 2026 | businesskhaskhabar.com Commodity News Rss Feeds
 government to lift restrictions on petrol diesel sales to commercial customers from july 1 825166नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने सोमवार को 1 जुलाई से व्यावसायिक ग्राहकों के लिए पेट्रोल और डीजल की खुदरा बिक्री पर घरेलू ईंधन आपूर्ति की सुरक्षा के उद्देश्य से लगाए गए अस्थायी प्रतिबंधों को हटाने का निर्णय लिया है। सरकार के इस निर्णय से औद्योगिक, संस्थागत और परिवहन क्षेत्र से जुड़े उपभोक्ता फिर से पेट्रोल पंपों से बिना किसी लिमिट के ईंधन खरीद सकेंगे। 
सरकार के एक आदेश के अनुसार, अब व्यावसायिक खरीदार खुदरा पेट्रोल पंपों से पेट्रोल और डीजल की खरीद पहले की तरह सामान्य तरीके से कर सकेंगे। उन पर किसी प्रकार की मात्रा संबंधी पाबंदी लागू नहीं रहेगी।
सरकार का यह फैसला इस महीने की शुरुआत में लागू किए गए अस्थायी प्रतिबंधों को समाप्त करता है। ये पाबंदियां वैश्विक ऊर्जा व्यापार में संभावित बाधाओं और ईंधन की मांग में असामान्य बदलाव को देखते हुए घरेलू ईंधन आपूर्ति सुरक्षित रखने के उद्देश्य से लगाई गई थीं।
12 जून 2026 को लागू किए गए 'मोटर स्पिरिट और हाई स्पीड डीजल (खुदरा आउटलेट्स के माध्यम से आपूर्ति का अस्थायी विनियमन) आदेश, 2026' के तहत औद्योगिक, संस्थागत और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को खुदरा पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदने पर रोक लगा दी गई थी।
इसके अलावा, डीजल की खुदरा बिक्री भी प्रति ग्राहक या प्रति वाहन प्रतिदिन 200 लीटर तक सीमित कर दी गई थी।
सरकार द्वारा यह प्रतिबंध हटाए जाने के बाद परिवहन कंपनियां, उद्योग और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ता फिर से खुदरा पेट्रोल पंपों से अपनी आवश्यकता अनुसार पेट्रोल और डीजल खरीद सकेंगे।
जब ये पाबंदियां लागू की गई थीं, तब पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा था कि इनका उद्देश्य ईंधन की कालाबाजारी रोकना, डीजल की जमाखोरी पर नियंत्रण करना और खुदरा पेट्रोल पंपों से ईंधन की अनधिकृत निकासी को रोकना था।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया था कि यह पूरी तरह अस्थायी व्यवस्था है और आवश्यकता पड़ने पर इसे अधिकतम 90 दिनों तक लागू रखा जा सकता था।
सरकारी अधिकारियों ने उस समय यह भी स्पष्ट किया था कि इन प्रतिबंधों का मतलब देश में पेट्रोल या डीजल की कमी नहीं है और न ही इनका उद्देश्य ईंधन की राशनिंग करना था।
सरकार के अनुसार, कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन की मांग में असामान्य बढ़ोतरी देखी गई थी। मंत्रालय ने बताया था कि कई औद्योगिक और थोक डीजल उपभोक्ता अपने निर्धारित उपभोक्ता पंपों के बजाय सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के खुदरा पेट्रोल पंपों से डीजल खरीदने लगे थे।
ऐसा इसलिए हो रहा था क्योंकि खुदरा डीजल और थोक डीजल की कीमतों में बड़ा अंतर था। मंत्रालय के अनुसार, खुदरा डीजल की कीमत थोक डीजल की तुलना में करीब 40 रुपए प्रति लीटर कम थी, जबकि थोक डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुरूप बनी हुई थीं।
--आईएएनएस
 

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