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गुजरात : हर्ष संघवी ने 14,853 एंटरप्रेन्योर्स को 1,100 करोड़ रुपए के इंसेंटिव बांटे, बैंक लोन लेने की शर्त खत्म

Source : business.khaskhabar.com | Oct 14, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 gujarat harsh sanghvi distributed incentives worth rs 1100 crore to 14853 entrepreneurs removing the requirement for bank loans 853132बिजनेस डेस्क। गांधीनगर 
राज्य सरकार ने इंडस्ट्रीज के हर तरह के विकास और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए बुधवार को गांधीनगर में डिप्टी सीएम हर्ष संघवी की अध्यक्षता में 'वन-क्लिक इंसेंटिव डिस्ट्रीब्यूशन' प्रोग्राम आयोजित किया। 

इस कार्यक्रम में हर्ष संघवी द्वारा राज्य की 14,853 इंडस्ट्रीज के बैंक अकाउंट्स में सीधे 1,100.19 करोड़ रुपए का इंसेंटिव जमा किया गया। इस मौके पर डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने कहा कि गुजरात की विकास यात्रा को देश में आगे बढ़ाने में राज्य के इंडस्ट्रियलिस्ट्स और ट्रेडर्स का योगदान अनोखा रहा है। आज बांटे गए 1,100.19 करोड़ रुपए के इंसेंटिव में से 11,052 बेनिफिशियरी छोटे और मीडियम साइज (एमएसएमई) इंडस्ट्रीज हैं। 

'सिंगल क्लिक पेमेंट प्रोग्राम' के तहत, एमएसएमई की अलग-अलग इंसेंटिव स्कीम के तहत 11,052 बेनिफिशियरी को 444.03 करोड़ रुपए, टेक्सटाइल स्कीम के तहत 3,591 बेनिफिशियरी को 290.42 करोड़ रुपए का पेमेंट किया गया है। इसके अलावा, बड़े इंडस्ट्री सेक्टर के 196 बेनिफिशियरी को 360.89 करोड़ रुपए और दूसरी स्कीम के तहत 14 बेनिफिशियरी को 4.85 करोड़ रुपए का पेमेंट किया गया है। 

हर्ष संघवी ने कहा कि राज्य सरकार इंडस्ट्रियलिस्ट के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करके एक ट्रांसपेरेंट सिस्टम बनाने के लिए कमिटेड है। नई पॉलिसी के तहत, इंसेंटिव पाने के लिए बैंक लोन लेना जरूरी करने वाला नियम खत्म कर दिया गया है, ताकि अपनी पूंजी से बिजनेस शुरू करने वाले एंटरप्रेन्योर को भी सीधा फायदा मिल सके। इसके अलावा, एडमिनिस्ट्रेटिव प्रोसेस को तेज करने के लिए 16 पेपर/डॉक्यूमेंट्स कम किए गए हैं और पिछले छह महीनों में फाइलों के डिस्पोजल की स्पीड तीन गुना बढ़ा दी गई है। 

उन्होंने कहा कि बिना किसी सिफारिश या शामिल हुए पूरी ट्रांसपेरेंसी बनाए रखने के लिए, जीआईडीसी ने ऑनलाइन लकी ड्रॉ के जरिए एमएसएमई यूनिट्स को 85 एकड़ जमीन पर फैले 407 प्लॉट सफलतापूर्वक अलॉट किए हैं। नई पॉलिसी के नतीजे में, बड़े इंडस्ट्रीज सेक्टर में 346 से ज्यादा नए एप्लीकेशन मिले हैं, जिनमें से 27 एप्लीकेशन उन कंपनियों के हैं, जो दूसरे राज्यों से गुजरात लौट आई हैं। 

गौरतलब है कि डिप्टी सीएम के हाथों शेखपत, खिरसरा-2 और साणंद-2 में 3,000 वर्ग मीटर से कम एरिया वाले 407 एमएसएमई के ​​लिए 4,665 एप्लीकेशन ऑनलाइन निकाले गए हैं। संघवी ने आगे कहा कि राज्य सरकार पहली पीढ़ी के युवा एंटरप्रेन्योर्स और महिला स्टार्टअप्स को खास बढ़ावा दे रही है। खासकर आदिवासी इलाकों में, महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार देने वाले इंडस्ट्रीज को बढ़ावा दिया जाएगा। 

'स्मार्ट जीआईडीसी' के कॉन्सेप्ट के बारे में बात करते हुए उन्होंने साफ किया कि सभी इंडस्ट्रियल एस्टेट में सफाई और वर्कर्स के लिए बेसिक सुविधाएं टॉप प्रायोरिटी होनी चाहिए। अब से जीआईडीसी में सिर्फ सड़कें बनाने की ही परमिशन नहीं दी जाएगी, बल्कि ड्रेनेज, स्ट्रीट लाइट और सर्विस लाइन की जॉइंट प्लानिंग भी की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में राज्य सरकार की टीम नई टेक्नोलॉजी और ग्लोबल पार्टनर लाने के लिए जापान और कोरिया जाएगी। 

इस प्रोग्राम में अलग-अलग एंटरप्रेन्योर्स ने सरकार से मिल रहे लगातार सपोर्ट और इंसेंटिव प्रोसेस को आसान बनाने और नई इंडस्ट्री पॉलिसी से मिल रहे फायदों के बारे में अपना फीडबैक दिया। इस प्रोग्राम में इंडस्ट्री डिपार्टमेंट के सीनियर अधिकारी, चैंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में एंटरप्रेन्योर्स मौजूद थे। -आईएएनएस

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