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पीक आवर्स में बिजली संकट से निपटने की तैयारी, 3,000 मेगावाट खरीदेगा तमिलनाडु

Source : business.khaskhabar.com | Oct 09, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 tamil nadu to purchase 3000 mw to deal with peak power shortages 851614चेन्नई । तमिलनाडु की बिजली कंपनी ने शाम के पीक आवर्स (जब बिजली की खपत सबसे ज्यादा होती है) के दौरान 3,000 मेगावाट तक बिजली खरीदने के लिए एक अर्जेंट टेंडर जारी किया है। अक्टूबर में लंबे समय से जारी गर्मी और हवा से बिजली उत्पादन में कमी के कारण बिजली की मांग 20,000 मेगावाट के करीब बनी हुई है। 
तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (टीएनपीडीसीएल) बिजली की कमी को पूरा करने के लिए आधी रात से सुबह 2 बजे के बीच 1,500 मेगावाट तक बिजली खरीदेगा। यह खरीद 12 से 31 अक्टूबर तक के लिए होगी।
केंद्र सरकार के 'डिस्कवरी ऑफ एफिशिएंट इलेक्ट्रिसिटी प्राइस' (डीईईपी) पोर्टल के जरिए जारी किए गए टेंडर में तमिलनाडु के अंदर और बाहर के प्राइवेट बिजली उत्पादकों से सप्लाई के लिए आवेदन मंगाए गए हैं।
बड़ी मात्रा में बिजली की खरीद शाम 6 बजे से आधी रात तक की अवधि के लिए होगी। कॉन्ट्रैक्ट फाइनल होने पर कीमतें तय की जाएंगी।
यह कंपनी पहले से ही शॉर्ट टर्म खरीद और पावर स्वैप व्यवस्थाओं के जरिए 3,000 मेगावाट तक बिजली ले रही है, साथ ही पीक आवर्स के दौरान पावर एक्सचेंज से भी इतनी ही मात्रा में बिजली खरीद रही है।
टीएनपीडीसीएल के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि सितंबर से ही गर्मी का मौसम लंबा खिंचने के कारण बिजली की जरूरतें असामान्य रूप से ज्यादा बनी हुई हैं। हवा से बिजली उत्पादन में कमी और सेंट्रल जेनरेटिंग स्टेशनों से कम सप्लाई के कारण अतिरिक्त खरीद जरूरी हो गई है।
अल नीनो की स्थितियों के कारण गर्मी का मौसम लंबा खिंचने से गर्मियों के बाद भी बिजली की भारी खपत बनी हुई है, जिससे कंपनी बाहरी सप्लाई पर निर्भर है। अधिकारी ने कहा कि बिजली की कमी मुख्य रूप से शाम के समय होती है, जबकि दिन के समय तेज सोलर पावर उत्पादन से राज्य में बिजली सरप्लस (अतिरिक्त) रहती है।
अगर 20 अक्टूबर तक नॉर्थ-ईस्ट मानसून आ जाता है, तो मांग कम हो सकती है। इससे कंपनी को अगली गर्मियों से पहले सालाना मेंटेनेंस के लिए कुछ थर्मल यूनिट्स को बंद करने में मदद मिलेगी। हालांकि कमजोर मानसून के कारण नवंबर में और बिजली खरीदनी पड़ सकती है।
मंगलवार को राज्य में 432.6 मिलियन यूनिट बिजली की खपत हुई, जो पिछले साल दर्ज की गई सबसे ज्यादा दैनिक खपत के करीब है। पीक डिमांड 19,921 मेगावाट तक पहुंच गई।
टीएनपीडीसीएल के थर्मल स्टेशनों ने 80 मिलियन यूनिट बिजली सप्लाई की, जबकि सेंट्रल जेनरेटिंग स्टेशनों ने 83.4 मिलियन यूनिट का योगदान दिया। शॉर्ट टर्म खरीद से 38.5 मिलियन यूनिट और पावर एक्सचेंज से 36.5 मिलियन यूनिट बिजली मिली।
ऊर्जा संसाधन मंत्री आर. निर्मलकुमार ने कहा कि पिछले साल की तुलना में पीक आवर डिमांड 3,000 मेगावाट बढ़ गई है। सेंट्रल पूल से मिलने वाली 3,000 मेगावाट बिजली भी उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण शॉर्ट टर्म टेंडर जारी करने पड़े।
मंत्री ने कहा कि तमिलनाडु पहले ही ओपन मार्केट से 4,500 मेगावाट बिजली खरीद चुका है और मांग के आधार पर आगे और खरीद की व्यवस्था करेगा। उन्होंने सप्लाई पर दबाव की वजह आंशिक रूप से विंड पावर से बिजली उत्पादन में कमी और सेंट्रल स्टेशनों से बिजली की कम उपलब्धता को बताया।
--आईएएनएस
 

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