जयपुर। स्थानीय तेल तिलहन बाजार में वर्तमान में सरसों की कीमतें लगभग स्थिर बनी हुई हैं। जयपुर मंडी में सरसों मिल डिलीवरी 42 प्रतिशत तेल कंडीशन का भाव सोमवार को 7150 रुपए प्रति क्विंटल के आसपास स्थिर बना हुआ था। कृषि विभाग के अनुसार देश में सरसों की बिजाई लगभग पूरी हो चुकी है। ज्ञात हो देश में सरसों का सामान्य रकबा 79.17 लाख हैक्टेयर है। पिछले साल सरसों की बिजाई 86 लाख हैक्टेयर के करीब थी। मौजूदा आंकड़ों से स्पष्ट है कि चालू रबी सीजन में सरसों का रकबा पिछले साल की तुलना में तकरीबन 6 फीसदी अधिक है। श्री हरी एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चीफ मार्केटिंग ऑफीसर शैलेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान में मौसम की स्थिति अनुकूल बनी हुई है, जिससे सरसों की फसल अच्छी स्थिति में बताई जा रही है। आगे चलकर सरसों उत्पादन का आकलन मौसम और फसल की बढ़ोतरी पर निर्भर करेगा। आपको बता दें अशोका वनस्पति घी, सरसों तेल एवं अन्य प्रमुख ब्रांडों की निर्माता हरी एग्रो ने हाल ही अत्याधुनिक प्लांट की स्थापना की है, जिससे तेल की बेहतर क्वालिटी बनाने में आशातीत सफलता मिली है। देश में राजस्थान ही ऐसा प्रदेश है जहां पर कुल उत्पादन का 50 प्रतिशत सरसों उत्पादित होती है। इसके बाद उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हिरयाणा एवं पश्चिमी बंगाल में भी सरसों की पैदावार होती है। [@ 5 अनोखे होम टिप्स से पाएं खूबसूरत त्वचा ]
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