मध्य पूर्व तनाव के चलते कीमती धातुओं में बड़ा उतार-चढ़ाव, चांदी का भाव करीब 5,000 रुपए फिसला
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को 999 प्यूरिटी वाला गोल्ड 1,60,230 रुपए प्रति 10 ग्राम के भाव पर पहुंच गया, जबकि इससे पहले मंगलवार को 999 प्यूरिटी वाले गोल्ड की कीमत 1,60,188 रुपए थी। यानी एक दिन में सोने का भाव 42 रुपए महंगा हुआ है।
सोने और चांदी के दाम घटे, वैश्विक आर्थिक आंकड़ों से तय होगी आगे की चाल
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी देखी जा रही है। खबर लिखे जाने तक, कॉमेक्स पर सोना 0.56 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 5,212.64 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 88.493 डॉलर प्रति औंस थी।
सोना और चांदी चमके, कीमतें 3.5 प्रतिशत तक बढ़ीं
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। खबर लिखे जाने तक, कॉमेक्स पर सोने की कीमत 1.40 प्रतिशत की तेजी के साथ 5,175 डॉलर प्रति औंस और चांदी की कीमत 5.42 प्रतिशत बढ़कर 89.105 डॉलर प्रति औंस हो गई है।
मध्य पूर्व तनाव के बीच कीमती धातुओं में गिरावट; सिल्वर 3,300 रुपए से ज्यादा सस्ता
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए उम्मीद की जा रही थी कि सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं की कीमतें और बढ़ेंगी। लेकिन इसके उलट इनके दाम में गिरावट देखने को मिली है।
मिडिल ईस्ट तनाव से कीमती धातुओं में उछाल, सोना 1.70 लाख के करीब तो चांदी 3 लाख की ओर
मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) के रूप में कीमती धातुओं (सोना-चांदी) में खरीदारी का रुख किया, जिससे इस सप्ताह भी सोने-चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली, साथ ही व्यापक कमोडिटी बाजार में अस्थिरता भी बढ़ी।
कतर के ऊर्जा मंत्री की चेतावनी, अगर युद्ध जारी रहा तो कच्चा तेल कुछ हफ्तों में 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाएगा
कतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व में युद्ध "कुछ दिनों" तक जारी रहने से खाड़ी देशों के निर्यातकों को अप्रत्याशित स्थिति (फोर्स मेज्योर) घोषित करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है
मिडिल ईस्ट संघर्ष के बीच कतर ने फोर्स मेज्योर की चेतावनी दी, तेल और गैस की आपूर्ति रुकने का खतरा
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच कतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने चेतावनी दी है कि अगर संघर्ष कुछ दिनों तक और जारी रहता है तो खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा निर्यातकों को ‘फोर्स मेज्योर’ घोषित करना पड़ सकता है। इससे तेल और गैस की आपूर्ति रुक सकती है और वैश्विक ऊर्जा कीमतों में भारी उछाल आ सकता है।